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दबंगों ने दलितों का अतिक्रमण कर रोका पानी का रास्ता। पीड़ितों ने की शिकायती।

दबंगों ने दलितों का अतिक्रमण कर रोका पानी का रास्ता। पीड़ितों ने की शिकायती

भिड़। आजादी के साथ दशक बीत जाने के बाद भी दलितों के साथ होने वाले अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तहसील अटेर के ग्राम परा से सामने आया है। जहां शोभाराम पुत्र मुंशीलाल खटीक निवासी परा ने तहसीलदार को राज्यपाल के नाम दिए आवेदन में कहा है कि हमारे गांव के मोहल्ला के दबंग लोगों ने आम रास्ता एवं शासकीय भूमि पर जकबरन अतिक्रमण कर पानी निकलने के आम रास्ता को मिट्टी डालकर बांध बना दिया है। उसी पर पंचायत सरपंच ने भी सड़क डाल दी है और पानी निकलने का कोई नाला भी नहीं बनाया है। जिससे सड़कों पर पानी रूकने से सारा पानी घरो में आ कर भर रहा है। अब हालत ये है कि घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। लेट्रिन तक को घर की बहने, बीटियां, महिलाएं, परेशान हो रही है।

यहां तक कि घर में पानी भरने से एक कच्चा घर भी गिर गया जिससे रात सोने की जगह भी नहीं रही । घर के पीछे बड़े-बड़े बबूल के पेड़ खड़े हैं, जो आधे घर पर छाये हुए हैं।मैंने उनसे कई बार कहा वो सुनना नही चाहते। बदले में जान से मारने की धमकी व धौस देते हैं गन्दी गालियां देकर संबोधित करते है। कहते है खटीका वाले गांव से घर छोड़कर भाग जाओ, नहीं तो किसी दिन तुम्हें व तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। अधिया, कट्टा, बल्लम, फर्सा लेकर जान से मारने की धमकी देते हैं ।
निवेदन में परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की है।
इस मामले पर जब वर्तमान सरपंच से जानने की कोशिश की उनको कई बार फोन लगाया लेकिन फोन उठा नहीं। वही तहसीलदार ने शिकायती आवेदन को राज्यपाल की ओर कार्यवाही के लिए भेज दिया है