भिंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तावित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला कार्यालय पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कामना भदौरिया ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक और मील का पत्थर निर्णय बताया।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भदौरिया ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे वे लोकसभा, विधानसभा और नगरीय निकायों में प्रभावी भागीदारी निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं केवल मतदाता नहीं रहेंगी, बल्कि नीति-निर्धारण और नेतृत्व की भूमिका में भी सशक्त रूप से उभरेंगी।
उन्होंने कहा कि देश की मातृशक्ति लंबे समय से राजनीतिक भागीदारी की प्रतीक्षा कर रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है। यह कानून महिलाओं को ‘याचक से नायक’ की भूमिका में स्थापित करेगा और उन्हें अपने तथा देश के भविष्य के निर्णय लेने का अधिकार देगा।
प्रेसवार्ता में बताया गया कि सरकार 2023 के मूल कानून में संशोधन कर इसे शीघ्र प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि आगामी चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और संसद में 33 प्रतिशत सीटों पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। अनुमान है कि वर्ष 2029 तक इसके व्यापक प्रभाव दिखाई देने लगेंगे।
भदौरिया ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी पहलें महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
इस दौरान उन्होंने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीति की गई, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे धरातल पर उतारने का कार्य किया है।
इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष आभा जैन सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में यह संदेश दिया गया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा तथा महिलाओं को समान अधिकार और अवसर प्रदान कर नए भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।















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