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दो माह से नहीं मिला मानदेय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी

न्यायपालिका के आदेश लागू कराने के लिए जून में होगा संघर्ष

भिण्ड। जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को मार्च और अप्रैल माह का मानदेय 11 मई तक नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन किराया भी पिछले 10 माह से लंबित बताया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन सीटू ने सरकार और विभागीय अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।

यूनियन की जिला अध्यक्ष साधना भदौरिया एवं जिला महासचिव सीमा जाटव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि महिला एवं बाल विकास संचालनालय भोपाल द्वारा समय-समय पर पत्र जारी कर स्पष्ट किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अन्य विभागों का कार्य नहीं लिया जाए। इसके बावजूद फूफ नगर पंचायत के रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 15 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी कर दिए गए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा 1500 रुपये की अतिरिक्त वृद्धि की गई, लेकिन वर्ष 2019 में राज्य सरकार ने अपने हिस्से से उतनी ही राशि कम कर दी। इससे कार्यकर्ताओं को वास्तविक लाभ नहीं मिल सका और मानदेय 11,500 रुपये होने के बजाय 10 हजार रुपये ही बना रहा।

इस मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन मध्यप्रदेश सीटू द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। जिस पर 21 अप्रैल 2026 को न्यायालय ने कटौती किए गए 1500 रुपये एरियर सहित 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने के आदेश दिए हैं।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा अप्रैल 2022 में आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने का फैसला सुनाया गया था। इसी आधार पर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई, जहां न्यायालय ने राज्य सरकार को छह माह के भीतर ग्रेच्युटी संबंधी आदेश लागू करने के निर्देश दिए हैं।

यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित मानदेय और न्यायालय के आदेशों को शीघ्र लागू नहीं किया गया तो जून माह में जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसके पहले परियोजना स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किए जाएंगे।

इस दौरान रेखा श्रीवास्तव, हेमलता भदौरिया, स्वेता शर्मा, ऊषा यादव, ललिता चौहान, पिंकी दौहरे, शारदा भदौरिया, विनीता राजावत, ऊषा त्यागी, आरती भदौरिया एवं सुनीता राजावत सहित कई कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।

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