भाजपा सरकार के खिलाफ नर्सें हड़ताल पर,
वेतन विसंगति जैसी मांगों पर फूटा गुस्सा।
जमकर कोसा शिवराज “मामा” को भांजियों ने
भिंड। वेतन विसंगति को लेकर जिला चिकित्सालय की नर्सें दूसरे दिन हड़ताल पर भी रही। उनका कहना है सरकार की बाद खिलाफी के प्रति हमारी सरकार से लड़ाई है। शिवराज मामा ने कई वर्ष पूर्व वादा किया था। जो अब तक पूरा नहीं किया है। हम सब एक ही मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी नर्सों ने शिवराज मामा को जमकर नारेबाजी की
“हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते”
जिलाधीश महोदय, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी,एवं सिविल सर्जन के नाम लिखे आवेदन कहा गया है की नर्सिंग ऑफिसर एसोसिऐशन द्वारा नर्सिंग हित में चलाये जा रहे प्रदेश व्यापी आंदोलन में शामिल होकर नर्सिंग ऑफिसर मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन चलाया जा रहा है। जिसमें विगत बरस सरकार ने बाद किया था जो पूरा नहीं किया।
जिसमें हमारी चार सूत्रीय मांगे थी की उच्चस्तरीय वेतनमान अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी समस्त नर्सिंग ऑफिसरों को दिया जाये।
,,,,पुरानी पेंशन योजना लागू की जायें।,,,,नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती के समय रखी गयी तीन वर्ष की परविक्षा अवधि 70, 80, 90 परसेन्ट के मानदेय को निरस्त किया जायें एवं पूर्व की तरह परविक्षा अवधि 2 वर्ष की जायें।
इसके अलावा 70 एवं 80 और 90 प्रतिशत के कटे हुये वेतन को ऐरियर के रूप में वापस किया जायें। नंबर चौथी मांग थीं कि शासकीय नर्सिंग कॉलेज में अध्ययन रत छात्रा को कलेक्ट्रेट मानदेय 18000/- प्रतिमाह किया जायें।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी नर्सों ने कहा है कि मांगों को लेकर सरकार विचार करे नही तो 11 हज़ार 720 नर्सिंग ऑफिसर के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल मांग पूरी होने तक जारी रहेगा।














