सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ। पैक्स कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर
- Hasrat Ali
भिंड। सरकार की झोली में वर्षों से लंबित पड़ी अपनी मांगों को लेकर पैक्स कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पर जाने से सरकार की कई योजनाएं प्रभावित हो रही है। जिससे आम नागरिक और किसान ज्यादा परेशान है। इधर सरकार कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाने तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। लेकिन कर्मचारी हैं कि मानने को तैयार नहीं है। वह धरने पर बैठे सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं
गौरतलब है मध्य प्रदेश सहकारिता कर्मचारी महासंघ भोपाल के बैनर तले अपने साथियों के साथ धरने पर बैठे भिंड जिला इकाई के अध्यक्ष प्रदीप सिंह परमार ने बताया जब तक हमारी मांगे सरकार मान नहीं लेती है तब तक हम किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं है। धरने पर बैठे कर्मचारियों की जानिब से मामा तेरे राज में कटोरा लव है हाथ में अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है हमारी मांगे पूरी करो हमारी मांगे पूरी करो जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है उन्होंने बताया यह हड़ताल प्रदेश सभी जिलों में निरंतर जारी है। हड़ताल से पूर्व मांगकर्ताओ ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके अलाव बिसाहूलाल सिंह।मंत्री खादय विभाग मध्य प्रदेश शासन भोपाल। अरविंद सिंह भदोरिया मंत्री सहकारिता विभाग को भी ज्ञापन देकर अवगत कराया। लेकिन कुछ नही हुए।
कार्यरत कर्मचारीयों का कहना है वर्षों से लंबित मांग की पूर्ति न होने के कारण मजबूर होकर आन्दोलन करना पडा है।
उन्होंने ने अधीनस्थ कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा है। प्रदेश के पैक्स कर्म चारियों की वर्षों से लंबित न्यायोचित मांग है,परंतु शाशन द्वारा कर्मचारियों को दिया गया वचन आज दिनांक तक आपके अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा पूरा नहीं किया गया। जिसका महासंध के साथ शासन की गरिमा को टेस पहुंचाई गई है। जिसके लिए पूर्ण रूप से दोषी आपके अधिनस्थ अधिकारी हैं। जिन्होने आपके आदेशों की गरिमा को तोड मोड़कर पेश किया है। जिसका खमियाजा भुगतना पडा और आगे चुनाव में जिसका दुष्परिणाम देखने को मिल सकता है। अभी समय है पैक्स के समस्त कर्मचारियों को ग्रामी क्षेत्र के शासकीय कर्मचारियों की भांति वेतनमान दिए जाने के आदेश जारी किए जाए।
*निम्न बिंदु का निराकरण तत्काल किया जायें।
कर्मचारियों की ये है मांगें,,,,*
अपनी ही सरकार के खिलाफ़ हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगें वर्ष 2019 में जारी सेवा नियम वेतनमान लागू किया जाये।मार्च 2021 में महासंघ के साथ किए गए शासन से समझौते अनुसार सहायक प्रभारी प्रबंधक,लिपिक, विक्रेता का विक्रेता कम्प्यूटर ऑपरेटर के विपरभृत्य चौकीदार तुलैया कर्मचारि ग्रामीण स्तर पर कार्यरत शासकीय कर्मचारियों के समतुल्य वेतनमान दिया जावे। वही प्रायवेट उपभोक्ता भंडार,स्व-सहायता समूह, वन समिति को खाद्यान्न वितरण पैर कमीशन एवं 200 रुपये प्रति किटस एंव जीत के आदेश जारी हों। अंतर उक्त बिंदुओं का निराकरण किया जायें। इन सारे बिंदुओ को कर्मचारी सरकार को पहले ही अवगत करा चुके है। लेकिन सरकार नहीं चेती। निराकरण भी नहीं किया। इसी नाराजगी को लेकर 6 मई से प्रदेश के पैक्स सहकारी, संस्था उपभोक्ता, भंडारद- सहायता समूह,वन समितियो ने काम बंद कर सभी कर्मचारी कलमबंद आंदोलन कर रहे है।
*कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पर भावित योजनाएं।*
इस हड़ताल से महत्वपूर्णजनाएं जैसे खाद्यान्न वितरण, ऋण वितरण, उपार्जन कार्य, वसूली कार्य पूर्णरूप से प्रभावित है। इसमें आम नागरिक, किसान परेशान है। अधक्ष का कहना है कि शासन की दमनकारी नीतियों के कारण कर्मचारी मजबूर है।














