भिण्ड। जिला अस्पताल में लंबे समय से अल्ट्रासाउण्ड सुविधा प्रभावित होने और विभिन्न स्वास्थ्य अव्यवस्थाओं के विरोध में मंगलवार 12 मई से धरना प्रदर्शन शुरू। यह आंदोलन कलेक्ट्रेट भिण्ड से मुख्यमंत्री निवास तक चरणबद्ध रूप से चलाने की बात कही गई है। आंदोलन का नेतृत्व इंजीनियर वीरेन्द्र वर्मा, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भिण्ड एवं उनकी पत्नी रीतू द्वारा किया जा रहा है. साथ में उनकी 2 साल की बेटी इंदिरा भी हैं
धरना प्रदर्शन के दौरान उनकी प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखी हैं—
जिला अस्पताल भिण्ड में अल्ट्रासाउण्ड विशेषज्ञ डॉक्टर (रेडियोलॉजिस्ट) की शीघ्र नियुक्ति की जाए।
जिला अस्पताल की सभी अव्यवस्थाओं की राज्य एवं केंद्र सरकार की जांच टीम से जांच कराई जाए तथा कमियों को दूर किया जाए।
जिला कलेक्टर भिण्ड को हटाया जाए। भिण्ड एस डी एम को हटाया जाए। आंदोलनकारियों का आरोप
धरना प्रदर्शन के दौरान जारी जानकारी में कहा गया कि वर्ष 2023 से जिला अस्पताल भिण्ड में अल्ट्रासाउण्ड सेवा प्रभावित है तथा रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं होने से बच्चों, महिलाओं एवं पुरुष मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया गया कि मरीजों को अल्ट्रासाउण्ड एवं एमएलसी एक्स-रे रिपोर्टिंग के लिए ग्वालियर रेफर किया जाता है, जिससे आर्थिक एवं मानसिक परेशानी बढ़ रही है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि चम्बल क्षेत्र की बड़ी आबादी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है, इसलिए जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।














Leave a Reply