चंबल की जैव विविधता बचाने वैज्ञानिक संरक्षण और जनभागीदारी पर जोर
Hasrat ali
भिंड। राष्ट्रीय लुप्तप्राय प्रजाति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामान्य वन मंडल भिंड एवं सुप्रयास भिंड के संयुक्त तत्वावधान में वन विभाग कार्यालय भिंड में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का विषय “चंबल संभाग में लुप्तप्राय वन्यजीव : संकट, वैज्ञानिक तथ्य और पुनर्वास की संभावनाएँ” रहा, जिसमें चंबल क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने कहा कि चंबल क्षेत्र की जैव विविधता केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की प्राकृतिक धरोहर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते वैज्ञानिक संरक्षण उपाय नहीं अपनाए गए तो कई दुर्लभ प्रजातियां हमेशा के लिए विलुप्त हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि चंबल नदी, बीहड़ और घासभूमि आधारित पारिस्थितिकी तंत्र घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, मगरमच्छ, इंडियन स्किमर, ब्लैक-बेलीड टर्न, गोडावण, कराकल, लकड़बग्घा एवं उदविलाव जैसी दुर्लभ प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल हैं।
उन्होंने अवैध रेत उत्खनन, प्रदूषण, अवैध शिकार, घासभूमियों के विनाश तथा बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप को वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बताया। साथ ही वैज्ञानिक मॉनिटरिंग, स्थानीय समुदायों की सहभागिता, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण और प्राकृतिक आवासों के पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुप्रयास भिंड के सचिव एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता डॉ. मनोज जैन ने बताया कि “लुप्तप्राय प्रजाति दिवस” प्रतिवर्ष मई माह के तीसरे शुक्रवार को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2006 में संकटग्रस्त वन्यजीवों और वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी।
कार्यशाला में पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने चंबल क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में वन्यजीव संरक्षण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय लोगों का सम्मान किया गया तथा सभी प्रतिभागियों ने चंबल क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन वनमण्डलाधिकारी बी आर सिरसाम के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उप वनमण्डलाधिकारी प्रीति शाक्य, वन परिक्षेत्र अधिकारी बसंत शर्मा, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हरीश सिंह भदोरिया सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित














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