भिंड। ग्वालियर-भिंड हाईवे को सिक्स लेन बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आंदोलन समिति के प्रमुख सदस्य रक्षपाल सिंह कुशवाह पर 16 मार्च को आंदोलन समाप्ति के बाद प्रकरण दर्ज किए जाने पर संत समाज में तीखी नाराजगी देखी जा रही है।
अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष पूज्य संत कालीदास महाराज ने टोल कंपनी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब आंदोलन के दौरान आपसी सहमति बन गई थी, तब प्रकरण दर्ज कराना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि टोल कंपनी प्रबंधन शीघ्र ही मामला वापस ले, अन्यथा संत समाज हजारों भक्तों के साथ टोल प्लाजा पर धरना देने को बाध्य होगा।
महाराज ने कहा कि सभी पक्षों के बीच शांति और विनम्रता बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई से संत समाज आहत हुआ है। आंदोलन से जुड़े अन्य संतों—हरिनिवास अवधूत जी महाराज (चिलोंगा), डॉ. शिवप्रताप जी महाराज (त्रिमूर्ति धाम पीठाधीश्वर), कमल पुरी जी महाराज, त्यागी बाबा (शनि धाम), पायलट बाबा, राघव पुरी जी महाराज, प्रद्युम्न महाराज एवं कुंडेश्वर महाराज—ने भी इस पर रोष व्यक्त किया है।
इसके साथ ही समाजसेवी और आंदोलन से जुड़े कई पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी एक स्वर में प्रकरण वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ था, ऐसे में इस तरह की कार्रवाई अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
संत समाज और आंदोलन समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र ही कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।













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