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ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे 719 को सिक्स लेन बनाने,चंबल पुल की मरम्मत विधानसभा में जोरदार आवाज मौतों पर राजनीति नहीं, समाधान चाहिए — टोल वसूली तत्काल बंद हो : हेमंत कटारे

भिंड.
अटेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे द्वारा आज विधानसभा में ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे क्रमांक 719 को सिक्स लेन में उन्नत करने, चंबल नदी पर स्थित एकमात्र महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत पूर्ण कर शीघ्र आवागमन प्रारंभ कराने तथा मालनपुर टोल प्लाजा की अवैध वसूली बंद कराने संबंधी अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्ताव ग्राह्य हुआ और सदन में इस पर विस्तृत चर्चा हुई।
चर्चा की शुरुआत करते हुए श्री कटारे ने माननीय अध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय किसी दल विशेष से जुड़ा नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा हुआ अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह नेशनल हाईवे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और राज्य सरकार की सीमाएं निर्धारित हैं, तथापि सदन से सर्वसम्मति से अनुशंसा कर केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा सकता है।

“खूनी हाईवे” बन चुका है NH-719
श्री कटारे ने कहा कि वर्तमान में यह हाईवे लोगों की जुबान पर “खूनी हाईवे” और “मौत का हाईवे” के नाम से जाना जा रहा है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब इस मार्ग पर दुर्घटना की खबर अखबारों में न आती हो। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि पिछले वर्ष होली के समय एक ही परिवार के सात लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और उनके घर में पर्व के दिन मातम पसरा हुआ था।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के अनेक जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इस विषय को उठाया है। यह समूचे क्षेत्र की पीड़ा है।
संतों की हड़ताल ने खोली शासन की संवेदनहीनता
विधायक कटारे ने विशेष रूप से संतों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के हजारों संत-महात्माओं को सड़क निर्माण की मांग को लेकर दो दिन तक भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। यह स्थिति अपने आप में अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।

वे स्वयं जिला अस्पताल जाकर संतों से मिले, उनके चरण स्पर्श कर निवेदन किया कि यह संघर्ष जनप्रतिनिधियों का दायित्व है, संत समाज को इस प्रकार कष्ट उठाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। शासन की ओर से एक माह में कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया, किंतु दो माह बीत जाने के बाद भी एक मुट्ठी मिट्टी का कार्य तक शुरू नहीं हुआ। परिणामस्वरूप संतों को पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा।

उन्होंने कहा कि जब संत समाज, जिसे सदैव मार्गदर्शक माना जाता है, उसे भी सड़क निर्माण जैसे मूलभूत विषय पर हड़ताल करनी पड़े, तो यह शासन की गंभीर विफलता और संवेदनहीनता का प्रमाण है। यह केवल सड़क का प्रश्न नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का प्रश्न है।

रातों-रात सड़क बन सकती है तो यह हाईवे क्यों नहीं?
कटारे ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में एक विशेष दौरे के दौरान रातों-रात सड़क निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। यदि प्राथमिकता के आधार पर एक रात में करोड़ों रुपये का कार्य हो सकता है, तो इस जनजीवन से जुड़े हाईवे के लिए तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती?

मुख्य मांगें : टोल वसूली बंद हो और चौड़ीकरण तत्काल शुरू हो
विधायक कटारे ने सदन में दो प्रमुख मांगें जोरदार ढंग से रखीं—
1. मालनपुर टोल प्लाजा की वसूली तत्काल बंद की जाए।
उन्होंने कहा कि टोल की समयावधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी कोविड का हवाला देकर दो वर्ष नौ माह अठारह दिन का एक्सटेंशन दिया गया। सवाल यह है कि क्या कोविड से केवल टोल मालिक को नुकसान हुआ? आम जनता को नहीं? एक ओर लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं, दूसरी ओर उनसे टोल वसूला जा रहा है — यह अन्याय है।
उन्होंने यह भी कहा कि टोल नियमों के अनुसार 15–20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले ग्रामवासियों को पास जारी किया जाना चाहिए, किंतु नकटे सहित कई गांवों से अवैध वसूली की शिकायतें हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाए।
2. हाईवे को सिक्स लेन में अपग्रेड किया जाए, और जब तक यह संभव न हो तब तक चौड़ीकरण का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सिक्स लेन की प्रक्रिया लंबी है तो कम से कम सड़क का चौड़ीकरण तुरंत शुरू किया जाए। इस विषय पर अनेकों बैठकें हो चुकी हैं, परंतु धरातल पर कार्य शून्य है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि बैठकों में चाय-नाश्ता हो सकता है तो सड़क निर्माण भी शुरू हो सकता है।
चंबल नदी के पुल की तत्काल मरम्मत आवश्यक
कटारे ने कहा कि भिंड से इटावा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख पुल है, जो अक्सर क्षतिग्रस्त और जर्जर स्थिति में रहता है। इसकी समुचित मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से जुड़े आवागमन का भी प्रमुख मार्ग है।

“मरीजों की जान से बढ़कर कुछ नहीं”
अपने वक्तव्य के अंत में विधायक कटारे ने कहा कि यह विषय कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का है। सड़क हादसों में हो रही मौतें किसी भी राजनीति से ऊपर हैं। सदन को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आग्रह करना चाहिए कि 30–40 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाए।
उन्होंने कहा,
“एक तरफ लोग मरें और दूसरी तरफ उनसे टोल वसूला जाए — यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार तय करे कि वह टोल मालिक के साथ खड़ी है या जनता के साथ।”
अंत में उन्होंने अध्यक्ष महोदय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें इस अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित के विषय पर बोलने का अवसर दिया गया, इसके लिए वे हृदय से आभारी हैं।

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