मांगों को लेकर धरने पर एनएचएम स्वस्थ्य कर्मियों।
जमकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी।
अब समय सरकार के खिलाफ जाने काह।
Hsarat Ali
भिड़। जिला चिकित्सालय के पीछे सीएमएचओ कार्यालय के नीचे गुजरे 17 दिनों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारीयो द्वारा अपनी मांगो को प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने आज जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की,,,,
*बीमा है ना पेंशन है दुनिया भर की टेंशन है.हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते.अभी करो अर्जेंट करो हम सब को परमानेंट करो. ओआरएस का घोल पिलाओ मामा जी को होश मिलाओ*जैसे सरकार को चिता ने वाले नारे लगाए और सरकार के खिलाफ जाने की बात कही।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी वेलफेयर संघ के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र अरेले एवं जिला संयोजक राजेश शर्मा व जिला सचिव योगेन्द्र कुशवाह ने सयुक्त रूप से बताया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश में लगभग 32000 सविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत है। जो विगत 20 वर्षों से लगातार काम कर रहे है जिन्होंने कोरोना काल में जान हथेली पर लेकर स्वास्थ्य सेवाएं दी है। यहां तक की इसी दौरान हमने अपने कई साथियों को भी खोया है।
वही मध्यप्रदेश शासन काल द्वारा संविदा कर्मचारियों के लिए केबिनेट में 5 जून 2018 की नीति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई जिसमें खेल युवा कल्याण विभाग महिला बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, लोक सेवा प्रबंधन विभाग, स्थानीय निधि संपरीक्षा, मप्र प्रकोष्ट भोपाल, जैसे विभगो में लागू की जा चुकी है । वही एन.एच.एम. संविदा कर्मचारियों पर आज दिनांक तक नीति लागू नहीं की गई।
आंदोलनकारियों ने यह भी बताया वर्ष 2021 में आदोलन के दौरान एनएचएम द्वारा जारी पत्र क्र. एनएचएम / एचआर / 2021 /8753 दिया गया था। जिसमें कहा गया था। जून के द्वितीय सप्ताह 2021 तक वित्त विभाग से अन्तिम निर्णय लेकर 5 जून 2018 की नीति लागू कराई जायेगी जो कि आज दिनांक तक लंबित है। इतना ही नहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट के माध्यम से संविदा व्यवस्था को अन्याय पूर्ण माना है।
*ये है संविदा स्वास्थ्य कर्मचारीयो की मांगें।*
मध्यप्रदेश में एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को अन्य राज्यों की भांति नियमित किया जावे। ताकी नियमित की प्रक्रिया के प्रचलन में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक-सी-5-2/ 2018/1/1/3.5 जून 2018 की नीति लागू कर उसके अनुसार नियमित कर्मचारियों का न्यूनतम 90 प्रतिशत वेतन कर सुविधाएं दी जावे। एनएचएम. के द्वारा अप्रेजल से निष्काशित कर्मचारियों को तत्काल एन.एच.एम में वापस लिये जाने का आदेश किया जाए।















