Bhind. भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार देश की मेहनत कश जनता एवं मजदूरों को अधिकार विहीन पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर 4 श्रम संहिताओं को लागू कर रही है.
जिसमे श्रमिकों के संगठन बनाने, आन्दोलन करने, हड़ताल करने के अधिकार खत्म कर रही है
जिसके खिलाफ 9 जुलाई को देश के 10 राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा एक दिवसीय काम बंद हड़ताल का सर्थन कर सम्पूर्ण देश में कर श्रमिक कर्मचारियों ने एकता का परिचय दिया है. जिसको लेकर जिला भिण्ड में भी जिला मुख्यालय पर लोक निर्माण विभाग से काम बंद आंदोलन किया गया जो दोपहर 1 बजे जलूश शुरू किया जो आन्दोलन के नायक स्वाधीनता संग्राम सेनानी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आगे शहीदे ए आजम भगतसिंह को पहिले स्नान कराया फिर माल्यार्पण किया गया.
इस दौरान सीटू ज़िला महा सचिव अनिल दौनेरिया ने वक्तव्य देते हुए बताया 1926 में अंग्रेजों ने श्रमिकों को संगठन बनाने का अधिकार दिया लेकिन 1928 में अंग्रेजों ने वापिस लेने के लिए संसद में लाये तो भगतसिंह एवं बटुकेश्वर दत्त ने बंम फैककर रोका था आज भाजपा सरकार वही काम कर श्रमिकों को अधिकार विहीन बनाने के लिए पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर रही है लेकिन श्रमिक अपने अधिकारों की रक्षा एकता और संघर्ष से करेगा. बुधवार की रोज लगभग सीटू एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति महोदय के लिए जिलाधीश के प्रतिनिधि तहसीलदार अखिलेश शर्मा को ज्ञापन सोपा.
वहीं मालनपुर पुर श्रीराम धर्म कांट से जलूश शुरू हुआ श्रम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सोपा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन सीटू ने मुख्यमंत्री एवं मंत्री महिला बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश एवं आयुक्त महोदय महिला वाल विकास विभाग मध्यप्रदेश को गईपान सोपा. सीटू जिला उपाध्यक्ष देविंद्र शर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा श्रमिक कर्मचारियों की समस्यायों के निराकरण के लिए संयुक्त श्रम सम्मेलन पिछले 11 वर्षों से केन्द्र सरकार ने आयोजित नहीं किया है जिसमें सरकार के प्रतिनिधि उद्योगपति एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। सरकार द्वारा श्रमिक सम्मेलन आयोजित न करने के कारण श्रमिक संगठनों ने जनता के बीच जाने का निर्णय लिया आंदोलन कारियों की मुख्य मांगे, श्रम संहिताओं को वापिस लिया जाये, पुराने श्रम कानूनों को बहाल करो। समस्त शासकीय विभागों अर्द्ध शासकीय विभागों में ठेका अतिथि अग्निवीर संविदा आउटसोर्स भर्तियों को बन्द करो,स्थाई भर्तियां शुरू करो। राष्ट्र हित एवं जनहित में शासकीय विभागों सार्वजनिक सम्पत्ति का निजीकरण करना बंद करो। समस्त अस्थाई आउटसोर्स श्रमिकों कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय 26000 हजार रुपए मासिक किया जाये। शासकीय एवं अर्द्ध शासकीय कर्मचारी को सेवानिवृत्त के बाद पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आउटसोर्स कर्मचारियों एवं हम्माल पल्लेदारों भवन निर्माण श्रमिकों रसोईयों, हलवाईयों, ठेका श्रमिकों को 60 साल के बाद 10 हजार रुपए मासिक पेंशन दो।श्रमिक कर्मचारियों, श्रमिक मजदूरों की उपरोक्त समस्याओं का निराकरण किये जाने हेतु केन्द्र व राज्य सरकारों को निर्देश दिए जाय क्षापन देने वाले मे मुख्य रूप से वेन्द्रसिंह चौहान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद सुमन जिला अध्यक्ष सीटू, सीमा जाटव,अनिल दौनेरिया जिला महासचिव,साधना भदौरिया जिला अध्यक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन, सूरज रेखा त्रिपाठी, देविंद्र शर्मा स्वर्ण लता शर्मा हेमलता भदौरिया किरण शर्मा नरेन्द्र सिंह सेंगर जिला संयोजक खेत मजदूर यूनियन,रामचन्द भदौरिया जिला अध्यक्ष हलवाई यूनियन,महेश्वरी जाटव जिला उपाध्यक्ष हम्माल-पल्लेदार यूनियन,आदि उपस्थित रहे।















