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रात में गरमाया नाम परिवर्तन का मुद्दा: चमारी गांव में ग्रामीणों की पंचायत, बदले जाने के विरोध में हुंकार

उरई/कालपी (जालौन), सोमवार रात ग्राम पंचायत चमारी का नाम बदलने की सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं ने गांव में माहौल गर्मा दिया है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार देर रात कालपी तहसील के अंतर्गत ग्राम चमारी में सैकड़ों ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से नाम परिवर्तन के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया गया।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर नारेबाजी की और स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर गांव का नाम “चमारी” नहीं बदला जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह नाम उनके पूर्वजों की पहचान और विरासत से जुड़ा है, जिसे बदलना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।

ग्रामीण रविकांत गौतम ने बताया कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से गांव का नाम बदलने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह गांव सैकड़ों वर्षों पहले “चमारी” नाम से बसाया गया था। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से अनुसूचित जाति के लोगों की पहचान इस नाम से जुड़ी हुई है, ऐसे में नाम परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है।

बैठक में मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि गांव का नाम बदलने की कोई भी कोशिश की जाती है, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने को भी तैयार हैं।
ग्रामीणों ने यह भी निर्णय लिया कि आगामी सोमवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा, जिसमें गांव का नाम यथावत रखने की मांग की जाएगी। साथ ही नाम परिवर्तन की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई।

इस बैठक में राममिलन गौतम, बबलू अहिरवार, ओमकार अहिरवार, मुकेश अहिरवार, मनोज अहिरवार, राम नारायण अहिरवार, तेजराम अहिरवार, मुन्ना अहिरवार, कंचन, नीरज ठाकुर, हरप्रसाद, शशिकांत, गोपाल, मंगल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश:
“गांव की पहचान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, चमारी नाम रहेगा कायम।”

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