प्रधानमंत्री के वादे अधूरे, हाईकोर्ट में राज्य सरकार की हार: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काला दिवस प्रदर्शन
भिण्ड। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन (सीटू) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को भिण्ड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने काला दिवस मनाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उप जिलाधीश लक्ष्मीकांत पाण्डेय को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा विभागीय अधिकारियों के नाम 25 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
सीटू जिला महासचिव अनिल दौनेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 6 दिसंबर 2025 को संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों पर किए गए आश्वासन आज तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के 2018 से लंबित बढ़े हुए मानदेय का भुगतान, न्यूनतम ₹26 हजार मासिक मानदेय, सेवानिवृत्ति पर ₹5 लाख ग्रेच्युटी, सर्वोच्च न्यायालय के ग्रेच्युटी संबंधी आदेश का पालन, पोषण आहार का बजट बढ़ाने तथा समान सेवा शर्तें लागू करने सहित प्रमुख मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के दौरान बढ़ा हुआ मानदेय वापस ले लिया गया था, जिसके खिलाफ यूनियन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। 21 अप्रैल 2026 को न्यायालय ने बढ़े हुए मानदेय को उचित ठहराते हुए राज्य सरकार को एरियर भुगतान के आदेश दिए थे। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा पुनः याचिका दायर की गई, जिसे 8 जुलाई 2026 को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। यूनियन ने इसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जीत और राज्य सरकार की कानूनी पराजय बताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की जिला अध्यक्ष साधना भदौरिया, जिला महासचिव सीमा जाटव, जिला कोषाध्यक्ष रेखा श्रीवास्तव, सीटू जिला उपाध्यक्ष अशोक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम में जिले की 10 परियोजनाओं से 200 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल हुईं। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर एरियर और अन्य लंबित लाभ नहीं दिए गए, तो 10 अगस्त को “जेल भरो आंदोलन” आयोजित किया जाएगा।
















Leave a Reply