भिंड। शहर की प्राचीन दरगाह हज़रत हाजी मस्तान शाह रहमतुल्लाह अलैहे की मस्जिद में 15 मार्च की रात तरावीह खत्म-ए-शरीफ के मौके पर जलसा-ए-इस्तकबाल का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम रात 10 बजे से शुरू होकर देर रात तक चला, जिसमें मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर जामा मस्जिद के इमाम जनाब सैय्यद मोनीश अली हाशमी (मुफ्ती) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में अंजुमन सदर अनवर खान, शहर काज़ी इरफान नवी, वक्फ कमेटी जिला अध्यक्ष अशफाक खान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दरगाह मस्तान शाह कमेटी द्वारा रमज़ान माह में नमाज़ अदा कराने वाले इमाम जनाब अजमत हुसैन को 21 हजार रुपये एवं मिठाई भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं तरावीह नमाज़ पढ़ाने वाले हाफिज जनाब अलीम साहब को 31 हजार रुपये, जोड़ा व मिठाई देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कमेटी के सेक्रेट्री मोहम्मद शकील सिद्दीकी ने नवयुवकों को शॉल व मिठाई देकर सम्मानित किया।
ईद की नमाज़ को लेकर दी जानकारी
मुफ्ती सैय्यद मोनीश अली हाशमी ने अपने संबोधन में कहा कि ईद की नमाज़ हर बालिग मुसलमान पर वाजिब है। उन्होंने नमाज़, रोज़ा, ज़कात और फितरा की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए लोगों को नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।
शहर काज़ी इरफान नवी ने ईद की नमाज़ के समयों की जानकारी देते हुए बताया कि ईदगाह में सुबह 8 बजे, दरगाह मस्तान शाह पर 8:10 बजे, जामा मस्जिद में 8:15 बजे, गड्ढा मोहल्ला में 8:20 बजे, किला मस्जिद में 8:45 बजे, महावीर गंज में 9 बजे, अन्य स्थानों पर 9:30 बजे तथा मुड़िया खेड़ा में 10 बजे नमाज़ अदा की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने नजदीकी मस्जिदों में ही नमाज़ पढ़ें।
अमन-चैन की दुआ के साथ समापन
अंजुमन सदर अनवर खान ने कहा कि सभी स्थानों पर नमाज़ के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम का समापन रात्रि 12 बजे दुरूद-फातिहा के साथ हुआ, जिसमें देश में अमन-चैन, गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की दुआ मांगी गई।
















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