भिंड। अखिल भारतीय संत समिति के तत्वावधान में निकाली जा रही सत्य पथ धर्म यात्रा के छठवें दिन पराइंच, मौ, बड़ेपुरा, सलमपुरा सहित आसपास के कई गांवों में धार्मिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रा के दौरान संतों ने जन-जन तक नैतिक मूल्यों, नशामुक्ति और शिक्षा के महत्व का संदेश पहुंचाया।
यात्रा के अंतर्गत बड़ेपुरा, धुअर, पराइंच, सलमपुरा, मौ, झांकरी, चितौरा सहित कई गांवों, मजरों और टोलों में प्रवचन हुए। संतों ने समाज में बढ़ती विकृतियों पर चिंता जताते हुए बेटी, गौ, बुजुर्ग, पेड़-पौधे और नदियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का द्वार खोल सकती है, इसलिए प्रत्येक परिवार को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
इस अवसर पर संत कालीदास महाराज के साथ श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर हरिनिवास अवधूत चिलोंगा महाराज भी पदयात्रा में शामिल हुए। चिलोंगा महाराज ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि लोग नशे पर अनावश्यक खर्च करते हैं, लेकिन गौसेवा के लिए आगे नहीं आते। उन्होंने किसानों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे नशा छोड़कर कम से कम एक गाय की सेवा अवश्य करें।
संत समिति के जिला अध्यक्ष कालीदास महाराज ने कहा कि यदि परिवार और समाज को टूटने से बचाना है तो सभी को सपरिवार धार्मिक ग्रंथों, विशेष रूप से रामायण का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रिश्तों की मर्यादाएं टूट रही हैं और समाज कलियुग की भयावह स्थिति से गुजर रहा है, ऐसे में संस्कार और धर्म ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं।
कार्यक्रम में संत सोमेश्वर दास चित्रकूट, संत रामधन दास, संत कृपाल दास, संत रामेश्वर दास, संत जगमोहन दास, संत जगराम दास, संत हरिओम आनंद, सन्यासी बाबा, संत रतनदास सहित कई संतजन उपस्थित रहे। वहीं समाजसेवियों में जीतू भदौरिया (जामपुरा), अनुराग सिंह भदौरिया, गौरव सिंह तोमर, भारत सिंह, कौशल सिंह पटेल, गंगा सिंह, बखत सिंह, समर सिंह, बाबू सिंह, उपेंद्र सिंह यादव, बंटू लाल सिंह, भूरे सिंह, बादशाह सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।














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