भिण्ड,
वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिलेभर में सफलतापूर्वक किया गया। इस दौरान न्यायालयों में लंबित 895 प्रकरणों का निराकरण कर 1758 पक्षकारों को राहत दी गई। इन मामलों में कुल 1 करोड़ 32 लाख 59 हजार 673 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड के अध्यक्ष के.एस. बारिया ने माता सरस्वती और महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर किया।
नेशनल लोक अदालत के लिए जिला मुख्यालय भिण्ड सहित न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद और लहार में कुल 25 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया था। अधिवक्ताओं एवं सुलहकर्ताओं के सहयोग से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराया गया।
लोक अदालत में न्यायालयीन प्रकरणों के अलावा प्री-लिटिगेशन मामलों में भी उल्लेखनीय सफलता मिली। जलकर,संपत्तिकर, विद्युत,बीएसएनएल और बैंक से जुड़े 1076 प्रकरणों का निराकरण कर 1 करोड़ 49 लाख 30 हजार 587 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जिससे 1086 लोगों को लाभ मिला।
वर्षों से बिछड़ा परिवार फिर हुआ एक
लोक अदालत में कई मामलों में आपसी कटुता खत्म कर परिवारों को फिर से जोड़ा गया। कुटुंब न्यायालय की खंडपीठ क्रमांक-01 में प्रधान न्यायाधीश दिलीप गुप्ता के समक्ष एक वैवाहिक प्रकरण में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया। दोनों पक्ष वर्षों से अलग रह रहे थे और भरण-पोषण का मामला न्यायालय में चल रहा था।
लोक अदालत में समझाइश के बाद दोनों ने साथ रहने की सहमति दी और राजीनामा कर लिया। इस अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और नई जिंदगी शुरू करने का संकल्प लिया। न्यायालय की ओर से दंपती को पौधा भेंट कर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की गई।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से वर्षों पुराने विवादों का समाधान होने पर पक्षकारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और लोगों ने इसे त्वरित एवं सुलभ न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।











Leave a Reply