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जिला एवं सेशन न्यायाधीश सतीश ने किया जिला कारागृह।

धौलपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुक्रम में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश अध्यक्ष सतीश चंद द्वारा जिला कारागृह धौलपुर एवं प्रिजिन लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल लीगल एड क्लीनिक के संबंध में माननीय नालसा द्वारा जारी एस.ओ.पी. में वर्णित दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने लीगल एड क्लीनिक द्वारा संधारित रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। निर्धन बंदियों के लिए आर्थिक सहायता बाबत अभियान, अपराध के समय से नाबालिग बंदियो को चिन्हित कर तथा स्पेशल कैंपेन फॉर ओल्ड प्रिज्नर एण्ड टर्मिनली इल प्रिज्नर के तहत 70 वर्ष से अधिक वृद्ध और मनणासन्न बीमारी से ग्रसित कैदियों के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बंदियों को कारागृह मे मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं जैसे भोजन, सफाई, स्वास्थ्य, स्वच्छता, चिकित्सीय सुविधाओं व रसोईघर, बैरक इत्यादि का जायजा लिया तथा उन्होंने कारागृह के निरुद्ध नये बंदियों सहित एक-एक बंदीगण से वार्ता कर उनके प्रकरणों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जेल में स्थित रसोई घर में पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता का अवलोकन किया तथा कारागृह में स्थित अस्पताल में पहुंचकर दवाइयों के स्टॉक का भी अवलोकन किया। उन्होंने बंदीगण को उनके अधिवक्ता व परिजन से वार्ता की सुविधा बाबत आवश्यक निर्देश दिये।
उन्होंने बंदियों को बताया कि यदि किसी विचाराधीन बंदी का उसके प्रकरण में पैरवी हेतु कोई अधिवक्ता नहीं है तो ऐसे बंदी जेल अधीक्षक के माध्यम से अथवा संबंधित न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने पर न्यायालय के माध्यम से नियमानुसार अधिवक्ता नियुक्ति हेतु विधिक सहायता का प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर को भिजवा सकते हैं। जिससे ऐसे बंदीगण की ओर से पैरवी हेतु प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध करवाया जा सके। इसी प्रकार ऐसे सजायाफ्ता बंदी जिन्होंने सजा के खिलाफ अपील नहीं की है और वह अपील करना चाहता है तो ऐसे बंदी को विधि अनुसार अपील करने का पूर्ण अधिकार है और ऐसे बंदी को भी अपील हेतु विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध करवाया जावेगा।