Bhind। सदर बाजार में डिवाइडर की सुरक्षा के लिए नगर पालिका ने एक नया तरीका ईजाद किया है। वो ऐसा तरीका जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इत्तेफाकन अगर कोई बाइक सवार डिसबैलेंस होकर डिवाइडर की सुरक्षा में लगे काटे नुमा तारों से रगड़ भी गया तो उसका हाल क्या होगा,,,? बड़ा सवाल!

बताना ज़रूरी हे कि परेड चौराहे से गांधी मार्केट तक मुख्य बाजार यानी सदर बाज़ार में डिवाइडर पर लगने वाले ठेले एवं फुटपाथी दुकानदारों को हटाने के लिए कई सालों से नगर पालिका कवायत कर रही थी। नपा द्वारा कई बार आदेश हुआ। ठेले भी हटे और धीरे-धीरे फिर लग गए। यह सिलसिला पिछले 3 सालों से चल रहा था। लेकिन अब की बार नगर पालिका ने कोमल शक्ति दिखाते हुए सदर बाजार डिवाइडर पर लगने वाले फुटपाथ की दुकाने एवं ठेलों को हटाकर होकर जॉन में भिजवा दिया है। लेकिन इसके बाद जो नगर पालिका ने डिवाइडर की सुरक्षा के लिए तरीका अपनाया है वह निहायत ही संवेदनहीन है!! दरअसल फुटपाथ दुकानदार और हाथ ठेला दोबारा से डिवाइडर पर लगा पाएं इसके लिए नगर पालिका मेंजानवरों से खेत की सुरक्षा में लगाए जाने वाला कटीला तार लगा कर तैयार कर दिया है। या यू कहे परेड चौराहे से गांधी मार्केट तक एक कांटों का जालबिछा दिया है! जिससे जमीन पर फट्टा बिछाकर धंधा करने एवं ठेला लगाने वाले दुकानदार पुनः इस डिवाइडर पर अपना कारोबार न जमा सकें नगर पालिका की इस हरकत से कई प्रबुद्ध नागरिक नाराज होते दिख रहे हैं। वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद पति विनोद दूरबार ने कहा है ये गलत है। इससे कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। नपा इंजीनियर विकास महतो का कहना है यह टेंपररी व्यवस्था है तार हटा लिया जाएगा।सबकी सलाह से लगाए है। वहीं नगर पालिका सीएमओ जसवंत वर्मा ने अपनी सफाई में कहां है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैं इंजीनियर से पूछता हूं। वैसे ये सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं है।
अब कटीले तार करेंगे डिवाइडर की सुरक्षा ? नगर पालिका ने बिछाया कांटों का जाल सदर बाजार में!












