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कोर्ट की फटकार के बाद डॉक्टर लौटे काम पर, सीएस ने रखी डॉक्टर पर कड़ी नजर।

कोर्ट की फटकार के बाद डॉक्टर लौटे काम पर, सीएस ने रखी डॉक्टर पर कड़ी नजर।

हसरत अली

भिड़।प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कोर्ट की टेढ़ी नजर, डॉक्टरों को फटकार के बाद दिया शख्त आदेश, तत्काल काम पर लौटे, तुम्हारी हड़ताल अवैध है। रात 12 बजे से सभी डॉक्टर्स हड़ताल खत्म कर अपने अपने चेंबरो पर पहुंच गए हैं। जहां मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही है। वहीं सिविल सर्जन रख रहे हैं डॉक्टरों के चेंबर पर कड़ी नजर।
यहां बता दें कि डॉक्टर 1 मई से अपने प्रमोशन एवं डाक्टर वृद्धि बहाली को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई थी। कई जिलों में मरीजों कि इलाज के अभाव में मौत भी हुई है। इसी बात को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा इस वक्त महामारी का दौर चल रहा है। मरीज इलाज के लिए भटक रहे है। डॉक्टरों की जिम्मेदारी है कि आखिरी मरीज तक इलाज पहुंचाया जाए और आप लोग हड़ताल पर है। वहीं डॉक्टरों को तत्काल काम पर लौटने का आदेश कर दिया है। कोर्ट आदेश के बाद सारे डॉक्टर काम पर वापस आ गए हैं ।

एक मई से हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों की क्या थी मांगे,,,
*चिकित्सक महासंघ,,,*
प्रदेश के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा,श्रम विभाग और गृह विभाग के मेडिकल ऑफिसर और चिकित्सा शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले चिकित्सक महासंघ विगत कुछ माह से चिकित्सकों के लिए DACP योजना को लागू करने की मांग को लेकर राज्य सरकार के आला अधिकारियों से चर्चा कर रहा था।

*भारत सरकार की क्या है DACP योजना -*
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2008 में DACP योजना को एमबीबीएस – बीडीएस मेडिकल ऑफिसर, स्पेशलिस्ट चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षकों के लिए सेवा में आगे बढ़ने के निश्चित अवसर उपलब्ध कराने के लिए लागू किया था।

*फरवरी में वापस लिया था प्रदेशव्यापी आंदोलन-*
चिकित्सक महासंघ द्वारा प्रदेश के चिकित्सकों के लिए सेवा में आगे बढ़ने के निश्चित अवसर प्रदान करने हेतु भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लागू DACP योजना को प्रदेश के समस्त चिकित्सकों संवर्गों के लिए लागू किये जाने की मांग को लेकर 15, 16 एवं 17 फरवरी 2023 को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया था।

*मुख्यमंत्री जी का आंदोलन में हस्तक्षेप और उच्च स्तरीय समिति गठन-*
प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा हस्तक्षेप और आव्हान के बाद चिकित्सक महासंघ द्वारा मरीज़ हित में प्रदेशव्यापी हड़ताल को समाप्त किया था । माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा चिकित्सकों की मांगों पर सहानुभूति व्यक्त करते हुए DACP योजना को लागू करने हेतु अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।

*31 मार्च को बनी सहमति-*
उच्च स्तरीय समिति में आला अधिकारियों और चिकित्सक महासंघ के सदस्यों की कई दौर की लंबी मैराथन बैठकों के बाद दिनांक 31 मार्च 2023 को अधिकारियों द्वारा चिकित्सकों के लिए DACP योजना को लागू करने का स्वरूप तैयार किया गया जिस पर चिकित्सक महासंघ ने भी सहमति दी थी।

*अधिकारियों की DACP योजना पर यह थी सहमति -*
1) स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर और मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक संवर्ग को संपूर्ण सेवाकाल में 03 अपग्रेडेशन 3 वर्ष, 7 वर्ष और 14 वर्ष में ग्रेड पे 10,000 प्रदान की जाना ।

2) स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग गृह विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग के मेडिकल ऑफिसर और ट्यूटर / प्रदर्शक संवर्ग को संपूर्ण सेवाकाल में 04 अपग्रेडेशन 5 वर्ष, 10 वर्ष और 15 वर्ष और 20 वर्ष के उपरांत ग्रेड पे 10,000 तक प्रदान किया जाना।

*बाद में अधिकारी मूकर गये -*
उच्च स्तरीय समिति के सभी सदस्यों की DACP योजना की सहमति के बाद स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों द्वारा दिनांक 19 अप्रैल 2023 को बैठक कर दिनांक 31 मार्च 2023 को बनी सहमति को मानने से इंकार कर दिया गया। चिकित्सक महासंघ के पदाधिकारी अचंभित थे कि DACP योजना के जिस स्वरूप को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने ही प्रस्तावित किया गया था उससे वे मूकर गये थे।

*महासंघ ने किया बैठक से किया प्रस्थान -*
चिकित्सक महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी एवं ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में काम कर रहे चिकित्सकों के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा DACP में ग्रेड-पे 10,000 तक अपग्रेडेशन प्रदान करने से इंकार करने के कारण बैठक से प्रस्थान किया गया।

*3 मई 2023 प्रदेशव्यापी आंदोलन -*
चिकित्सक महासंघ द्वारा 16 अप्रैल 2023 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, श्रम और गृह विभाग के सभी चिकित्सक संवर्गों के लिए लागू करने की मांग को लेकर दिनांक 3 मई 2023 प्रदेशव्यापी आंदोलन का ज्ञापन शासन के हर स्तर पर प्रेषित कर दिया गया था। आला अधिकारियों द्वारा चिकित्सक महासंघ की इस मांग और ज्ञापन की बिल्कुल सुध नहीं ली गई और अधिकारियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय मंत्री जी को भी वस्तुस्थिति से समय पर अवगत नही कराया गया ।

*अधिकारियों की हठधर्मिता -*
आला अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण दिनांक 3 मई 2023 से चिकित्सकों की प्रदेशव्यापी हड़ताल मरीजों एवं प्रदेश की जनता पर थोपी जा रही है।

*क्यों नहीं देना चाहते ग्रेड पे 10,000 -*
सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड पे 10,000 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को प्रदान की जाती है। और यही कारण है कि उच्च IAS अधिकारी नही चाहते हैं की प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में दूरस्थ, आदिवासी एवं ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में कार्य कर रहे मेडिकल ऑफिसर को ग्रेड पे 10,000 का उन्नयन देने को तैयार नही है।

*चिकित्सकों के लिए ग्रेड पे 10,000 है सम्मान का प्रश्न -*
महासंघ के पदाधिकारियों का यह मानना है कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में दूरस्थ, आदिवासी एवं ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में कार्य कर रहे मेडिकल ऑफिसर के सम्मान के
लिये ग्रेड पे 10,000 तक अपग्रेडेशन प्रदान किये जाने की मांग की है।

*महासंघ की मुख्यमंत्री जी से अपील-*
चिकित्सक महासंघ द्वारा प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्रता पूर्वक अपील की है वे तत्काल अधिकारियों की हठधर्मिता को समाप्त कर दूरस्थ, आदिवासी एवं ग्रामीण इलाकों में कार्य कर रहे चिकित्सकों को ग्रेड पे 10,000 तक अपग्रेडेशन प्रदान किये जाने की घोषणा कर इस थोपे गये आंदोलन को समाप्त करें ।