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मेहगांव उप जेल में कैद एक युबक जमानत के बाद भी बन्द है।

Bhind। शासन की तमाम कोशिश के बाद रिश्वतखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसका जीता जागता उदाहरण भिंड मुख्यालय से 20 किलो दूरी पर मेहंगाव में देखने को मिला। जहां जमानत मिलने के बाद भी जेल से नहीं छोड़ा गया कैदी। कैदी की पत्नी ने रिहाई के ऐवज में ₹20000 मांगने का आरोप जेल प्रहरी पर लगाया है।
दरअसल ऊमरी थाना क्षेत्र के ईश्वरी गाँव के रहने बाले राजेश राजावत आर्म्स एक्ट मामले में मेहगांव स्थित उप जेल में बंद है। जबकि इस मामले में जेल में बंद राजेश राजावत को तकरीबन 15 दिन पहले जमानत मिल गई। लेकिन ईसके बाबजूद भी रिहा नही किया गया। बतादें कि राजेश राजावत पर गुजरात मे भी आर्म्स एक्ट मामले में फरार है। राजेश की पत्नी नीलू ने आरोप लगाते हुए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से मामले की शिकायत करते हुए बताया है कि उसके पति को छोड़ने के एवज में बीस हजार रुपए की मांग की जा रही है। अगर रुपए नही दिए तो मेरे पति को गुजरात से फरार चल रहे है वहां पर भेज देंगे।जिसके बाद कलेक्टर के सामने महिला ने साक्ष्य रखे कि उसके पति से मिलाई कराने के लिए भी फ़ोन पे के जरिए पैसे लिए गए है।महिला ने मामले की पूरी जानकारी कलेक्टर को दी कि जेल प्रहरी उमेश चौहान किसी प्राइवेट ब्यक्ति के फ़ोन पे पर रुपए मिलाई के डलवाता है। जिसके बाद कलेक्टर ने खुद आम ब्यक्ति बन कर फोन पर पैसे भेजने बाले नम्बर पर फोन पर बात की तो सामने बाला अनजान बन गया। लेकिन महिला ने स्क्रीन शाट भी कलेक्टर को दिखाए। जिसके बाद कलेक्टर ने जेल सहायक अधीक्षक और जेल प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। और मामले की गम्भीरता से जाँच के निर्देश दिए है।

बाईट- मेरे पति जेल में है। उनको जमानत मिल गई है। जेल हम मिलने आते थे तो ₹5000 की मांग की जाती थी। मेरे पति पर एक मामला और है। रिहाई से पहले ₹20000 की मांग की गई अगर नहीं देंगे तो गुजरात जेल में भेज देंगे।
*नीलू ,राजेश राजावत की पत्नी।*

बाईट-
कैदी पर गुजरात का एक प्रकरण है जिसके लिए मैंने बल की मांग की थी आर आई साहब से और जैसी ही बल मिलता तभी हम कैदी को भेजते हैं। इस दौरान महिला का पैसे मांगने जो आरोप है वह निराधार है।
*वासुदेव माझी,सहायक जेल अधीक्षक।*