भिण्ड। जिले में पड़ रही उमस भरी गर्मी और बढ़ते मरीजों के दबाव के बीच जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है।
अस्पताल में मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण एक-एक बेड पर चार से पांच मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण वार्डों में हालात बदतर हो चुके हैं। पर्याप्त बेड उपलब्ध न होने से मरीजों को एक ही बेड साझा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उमस और गर्मी के बीच वार्डों में भीड़भाड़ से मरीजों की हालत और खराब हो रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही बेड पर कई मरीजों के रहने से क्रॉस इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे मरीजों की जान तक जोखिम में पड़ सकती है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाते नहीं दिख रहा।
जिला चिकित्सालय में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी है। अब सवाल यह है कि जब जिला अस्पताल में ही मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, तो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की हकीकत क्या है?
















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