Bhind. 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते एएसआई तुलसीराम कोठारी को लोकायुक्त पुलिस टीम ग्वालियर ने रंगे हाथों दबोच लिया मिली जानकारी बताती हैं मालनपुर थाना अंतर्गत पुलिस केस में झूठ फसे आरोपियों से पैसे एंठने का मामला सामने आया हैं. बता दें 13 अप्रैल को एक ही समुदाय के दो लोगों में झगड़ा हो गया था जिसमें एक पक्ष को कुल्हाड़ी लगने से उसके गंभीर चोटें आई थी, जिसमें पुलिस ने दोनों पक्षों के ऊपर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया था, जो लोग घटना में सम्मिलित नहीं थे पुलिस ने उनको भी आरोपी बनाकर आठ लोगों के ऊपर मामला पंजीकृत कर दिया।
जबकि घटना स्थल से सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के द्वारा देखे गए थे जिसमे आठ में से 6 की लोकेशन अन्य स्थान की पाई गई थी, फिर भी पुलिस ने उस घटना में 21 दिन बाद 4 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की और मामले में गलत तरीके से आठ लोगो को आरोपी बना दिया। जिनमें शिव सिंह सैनिक है, बृजेंद्र सिंह शासकीय शिक्षक है, बृजेंद्र सिंह का बहनोई बॉबी जर्मन वह गोहद में रहता है साथ ही अन्य रिश्तेदारों को भी पुलिस ने अवैध तरीके से मामले में आरोपी बना दिया, फिर जांच के नाम पर नाम हटाने के बहाने पुलिस पैसे की मांग करने लगी, जिसमें 10 हजार रुपए थाना प्रभारी के नाम से एवं 5 हजार रुपए एएसआई तुलसीराम कोठारी ने अपने नाम से रिश्वत मांग मांगी। जिसकी रिकॉर्डिंग कर फरियादी बृजेंद्र सिंह ने लोकायुक्त पुलिस को सुनाई, रिकॉर्डिंग सुनते ही लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर ने तत्काल मालनपुर थाना पहुंचकर सहायक उप निरीक्षक तुलसीराम कोठारी की फील्डिंग लगाकर घेरा बंदी की और दोपहर 1:00 बजे के लगभग सहायक उप निरीक्षक को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई में मुख्य रूप से डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह, टीआई रानीलता नामदेव, टीआई बृजमोहन सिंह नरवरिया, टीआई अंजली शर्मा, हेड कांस्टेबल इकबाल खान, हेमंत शर्मा, देवेंद्र पवैया, यशवंत शर्मा, बलवीर सिंह, आरिफ खान, धीरज नायक, सुरेंद्र सैमिल, अंकित शर्मा, विनोद शाक्य आदि पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।
पंद्रह हजार लेते एएसआई लोकायुक्त टीम ने दबोचा.















