RPF की सजगता से बची जान
भिंड। पटना बिहार के सुपौल जिले की रहने वाली एक महिला रेखा पत्नी पप्पू जो ग्राम चटमा से ट्रेन में कहीं जा रही थी,रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति के संपर्क में आ गई। वह व्यक्ति उसे महिला किस बहाने से बहला-फुसलाकर भिंड ले आया और यहां रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़ दिया। अकेली असहाय महिला ने अपनी न समझी और परेशानियों से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। तभी महिला रेलवे ट्रैक पर पहुंची और आत्महत्या की कोशिश करने लगी। लेकिन इसी दौरान वहां मौजूद रेलवे सुरक्षा बल के सतर्क जवानों ने महिला को देख लिया और तुरंत स्थिति को संभालने के लिए आगे बढ़े और आर पीएफ की तत्परता से बची जान।
आरपीएफ के जवानों ने न केवल महिला को समय रहते रेलवे ट्रैक से हटाया बल्कि उससे बात करके उसकी समस्या को समझने का प्रयास किया। महिला उस समय मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर और घायल अवस्था में थी। जवानों ने बिना समय गंवाए उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला का इलाज चल रहा है।
पुलिस कर रही मामले की जांच:
आरपीएफ ने इस घटना की जानकारी देहात थाना पुलिस को दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, महिला को भिंड लाने वाले व्यक्ति की पहचान और मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला के साथ धोखाधड़ी या मानव तस्करी जैसी कोई घटना तो नहीं हुई।
सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता:
यह घटना न केवल मानव तस्करी के संभावित खतरों को उजागर करती है बल्कि यह भी बताती है कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बलों की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। आरपीएफ जवानों की त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बच सकी, जो कि एक सराहनीय कदम है। महिला फिलहाल जिला अस्पताल में सुरक्षित है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।















