भिंड। शराब ठेकेदारों की दबंगई दिखा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को डेंगा। बे रोक टोक संचालित हो रहे है हाईवे किनारे शराब के ठेके।
भिंड मुख्यालय से लगभग अट्ठाइश किलो मीटर दूर अटेर विधान सभा जहां शराब ठेकेदारों के द्वारा नियम के विरुद्ध ठेके अवैध स्थान पर संचालित किए जा रहे हैं। संचालित ठेकेदारों को सुप्रीम कोर्ट से सख़्त निर्देश था कोई भी बेध ठेका हाईवे किनारे किसी भी प्रकार से संचालित नहीं होगा। अगर होगा तो दो सौ- ढाई मीटर हाइवे से अंदर या यूं कहे हाइवे से दूर होंगे।लेकिन जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते जिले की कई विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण अंचलो में हाईवे के ठीक किनारे शराब दुकानें संचालित हो रहे हैं। जो सरासर कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार है अटेर रैपुरा मोड़,उदोत गढ़,भौंनपुरा तीनों ऐसी जगह है। शराब ठेके हाईवे पर चल हो रहे हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पंचायत में हाईवे पर शराब के ठेके नहीं चला सकते। इतना होने के बाद भी ठेकेदार ठेके है चल रहे हैं। इस मनमानी से इतना तो साबित हो गया है कि इन शराब ठेकेदारों को हाईवे किनारे ठेका संचालित करने की अनुमति कौन दे रहा है ? कुछ दिन पहले भिंड कलेक्टर ने आबकारी विभाग को निर्देश दिया था कि हाईवे पर शराब के ठेके नहीं चलना चाहिए। पूर्व में भी अधिकारियों के द्वारा इस तरह के शराब ठेकों पर कार्रवाई की गई थी। कुछ दिन बीत जाने के बाद फिर से ठेकेदारों ने हाईवे पर अपना अड्डा जमा लिया है। अब इस दबंगई पर कार्यवाही का डंडा कौन चलाएंगा,,,? बड़ा सवाल! क्या संबंधित अधिकारी,,,, ठेकेदारों एवं कर्मचारियों की मिली भगत से निषेध स्थान पर चलने वाले शराब दुकानों की मौन सुकृति कर पाएंगे ? क्या संबंधित अधिकारियों को ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ ठोस कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ? जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हों।















